क्या कहा हमराज बनना है ? सुरों के बीच टूटा हुआ साज बनना ? इतनी गलफत में क्यों हो की जो बनना है बस आज बनना है। तरक्की देखी है मैंने सिसकते दिल के दर्दों की, क्यों सब जान कर भी बिखरा आफताब बनना है। सुनो ! सिर्फ मरना काफी नहीं बताने को दहकते अंगारों पर मुस्कुरा कई बार गुजरना है । मिल जाए सुकून दो बूंदों के बीच तुम्हें जो, वो लम्हा छुपा के चुप चाप चलना है । क्या कहा हमराज बनना है ? ©sukhwant kumar saket #Hmraaz #tum #main #Sb #ishq #Hindi #urdu #rekhta #viral #WalkingInWoods