Nojoto: Largest Storytelling Platform
madhusudanshriva5898
  • 239Stories
  • 4.4KFollowers
  • 9.7KLove
    22.1LacViews

Madhusudan Shrivastava

A simple person. Professionally a banker. Love poetry. Gmail and YouTube - madhu1181@gmail.com

  • Popular
  • Latest
  • Video
f077592292fa0d21a3d35c67a75deaef

Madhusudan Shrivastava

White राहों में जो मिलें उन्हें अपना बना के चल 
दुश्मन भी हों तो उनको गले से लगा के चल

कुर्सी पे आज वो हैं तो उनको सलाम है
अपना भी दिन आएगा ये उनको बता के चल

सांसें उखड़ रहीं हैं औ बैरी हुआ जहां 
दुश्मन हुई है आज ये आब ओ हवा के चल

पत्ते दरख़्त से गिरे तो आएंगे नए
लौटेगा दिन सभी का रख ये हौसला के चल

सुनने सुनाने की है ये महफ़िल अता करो 
गीत ओ ग़ज़ल या नज़्म रूबाई सुना के चल

जो दोस्त थे वो दुश्मनी की राह चल पड़े 
दौर ए जहां यहां का है दुश्मन हुआ के चल

रस्ते सभी खुलेंगे जो तुम मुस्कुराओगो 
दुश्मन भी साथ देंगे तेरा मुस्कुरा के चल

©Madhusudan Shrivastava #गजल 
मुस्कुरा के रूप

#गजल मुस्कुरा के रूप #Poetry

f077592292fa0d21a3d35c67a75deaef

Madhusudan Shrivastava

 हिंदी कविता

हिंदी कविता

f077592292fa0d21a3d35c67a75deaef

Madhusudan Shrivastava

White तुम हो स्थिर एक अणु सा, चुम्बकीय आवेश मैं हूँ।
ज़िंदगी के भाग में तू भागफल, और शेष मैं हूँ।
 
ज्ञान का भंडार तुम हो,विज्ञता के शीर्ष पर तुम।
ज्ञान के उस पात्र में से शेष का अवशेष मैं हूँ ।

ज़िंदगी के भाग में तू भागफल, और शेष मैं हूँ।

हल हो तुम प्रश्नों का प्रिय तो हर परीक्षा में विफल मैं।
हो समय का आज तुम तो ना कभी आया वो कल मैं ।।

मैने किसका किया बिगाड़ा मैं ही पीड़ित प्रश्न मुझपर ।
बात संबंधों की हो तो मित्रता तुम, क्लेश मैं हूँ।

ज़िंदगी के भाग में तू भागफल और शेष मैं हूँ।।

प्रेम जो मैने लिखा वो अश्रुओं में बह गया था ।
तुम पथिक बढ़ते गए मैं देखता ही रह गया था।

पात्र हम-तुम बन गए हैंफिर कहानी यूँ लिखी की,
चीख कर कहता कथानक प्रीत तुम और द्वेष मैं हूँ ।

ज़िंदगी के भाग में तू भागफल और शेष मैं हूँ।।

मूढ़ था आकाश को छुने की जो कोशिश किया था।
व्योम की उस व्याप्तता में मैं भटकता रह गया था।

ना मिला गंतव्य मुझको  किसको क्यूँ मैं दोष देता
ना पता था मुझको प्रियवर तुम हो व्यापक लेश मैं हूँ।

ज़िंदगी के भाग में तू भागफल और शेष मैं हूँ।।

©Madhusudan Shrivastava
  #moon_day 
ज़िंदगी के भाग में तू भागफल और शेष मैं हूँ Kumar Shaurya  MM Mumtaz  Pyare ji  Shilpa Yadav  Vishalkumar "Vishal"

#moon_day ज़िंदगी के भाग में तू भागफल और शेष मैं हूँ Kumar Shaurya MM Mumtaz Pyare ji Shilpa Yadav Vishalkumar "Vishal" #कविता

f077592292fa0d21a3d35c67a75deaef

Madhusudan Shrivastava

तरू पल्लव जड़ फल फूलों अरु   शाखाओं पर पुष्पित राम। 
दृश्य नहीं हैं किंतु सृष्टि में    कण-कण घट-घट व्यापित राम। 

राज महल के भोग छोड़ कर     मर्यादा को मान दिये। 
कुल मर्यादा अरु समाज के     मूल्यों का वो ज्ञान दिये। 
विधि लेती है कठिन परीक्षा,     नहीं थे इससे वंचित राम। 

दृश्य नहीं हैं किंतु सृष्टि में     कण-कण घट-घट व्यापित राम।। 

शिव के अप्रतिम भक्त राम तो    राम-भक्त भोले शंकर। 
एक दूजे की शक्ति हैं दोनो      रघुनंदन अरु रामेश्वर। 
रघुकुल भूषण सूर्यवंश मणि    सियापति शिव पूजित राम।

दृश्य नहीं हैं किंतु सृष्टि में    कण-कण घट-घट व्यापित राम ।। 

साथी धर्म निभाने को वो,    शक्ति बाण भी सह लेते। 
जीत के लंका लंकापति से,   राज्य विभिषण को देते। 
देवों के हैं देव किंतु,    हैं सहज सरल अनुशासित राम। 

दृश्य नहीं हैं किंतु सृष्टि में    कण-कण घट-घट व्यापित राम।। 

सतयुग, त्रेता, द्वापर, कलियुगराम   के ग्रंथों का सार हैं राम। 
भाषा भाष्य विभाषा हैं वो    परिभाषा के पार हैं राम। 
किन्तु जगत में समय समय पर   किये गए परिभाषित राम।

दृश्य नहीं हैं किंतु सृष्टि में    कण-कण घट-घट व्यापित राम ।। 

हे सृष्टा, हे सृष्टि नियंता,  तुम ही नियम, नियामक भी। 
संहारक हो दुष्टों का तुम,   तुम ही जगत के पालक भी। 
सुर नर मुनि के श्रेष्ठ आचरण   से सज्जित मर्यादित राम। 

दृश्य नहीं हैं किंतु सृष्टि में   कण-कण घट-घट व्यापित राम।। 
जन मानस के रोम रोम अरु   हिय पर सबके अंकित राम।

©Madhusudan Shrivastava
  राम राम राम राम राम Sircastic Saurabh @it's_ficklymoonlight Sudha Tripathi poetess Pratima Upadhyay

राम राम राम राम राम Sircastic Saurabh @it's_ficklymoonlight Sudha Tripathi poetess Pratima Upadhyay #कविता

f077592292fa0d21a3d35c67a75deaef

Madhusudan Shrivastava

मेरा  तन है यहाँ  पर  मन नहीं  है।
मधु  है, वन है, पर मधुवन नहीं है।

तेरा दर  छोड़ कर मैं  जा  रहा हूँ,
मगर जाने  को, मेरा  मन नहीं  है।

मेरे  किरदार की  है  ये ग़मक जां
के मेरे  पास  तो   चंदन  नहीं  है।

थपेड़े लू के ही मिलते हैं मुझको
मेरी इस ज़ीस्त में सावन नहीं है। 

वफ़ा है  खूब पर इसके सिवा अब 
'मधु' के  पास   कोई धन नहीं है।

©Madhusudan Shrivastava #delicate नहीं हैChocolate

#delicate नहीं हैChocolate #शायरी

f077592292fa0d21a3d35c67a75deaef

Madhusudan Shrivastava

मोहब्बत का आला अदब लिख रहा हूँ
जो लिखना था पहले वो अब लिख रहा हूँ
नहीं कुछ मैं उनका, मेरी बदनसीबी
मगर मैं उन्हें अपना सब लिख रहा हूँ
 Kumar Shaurya Ashish Chocolate MM Mumtaz Rakhee ki kalam se

मोहब्बत का आला अदब लिख रहा हूँ जो लिखना था पहले वो अब लिख रहा हूँ नहीं कुछ मैं उनका, मेरी बदनसीबी मगर मैं उन्हें अपना सब लिख रहा हूँ Kumar Shaurya Ashish Chocolate MM Mumtaz Rakhee ki kalam se #शायरी

f077592292fa0d21a3d35c67a75deaef

Madhusudan Shrivastava

खूब लड़ीं मर्दानी

खूब लड़ीं मर्दानी #कविता

f077592292fa0d21a3d35c67a75deaef

Madhusudan Shrivastava

जय जयति जयति जय हिंद हिंद

जय जयति जयति जय हिंद हिंद #कविता

f077592292fa0d21a3d35c67a75deaef

Madhusudan Shrivastava

Nojoto Got Talent
Pyare ji
https://nojoto.onelink.me/Wxeg/3mqu3cb9 

Kundan Dubey ji
https://nojoto.onelink.me/Wxeg/kwymhbso

Nojoto Got Talent Pyare ji https://nojoto.onelink.me/Wxeg/3mqu3cb9 Kundan Dubey ji https://nojoto.onelink.me/Wxeg/kwymhbso #जानकारी

f077592292fa0d21a3d35c67a75deaef

Madhusudan Shrivastava

ईद मुबारक़ ABRAR IrFaN༎ຶ⁠‿⁠༎ຶSaEeD NIKHAT الفاظ جو دل کو چھو لے नीर

ईद मुबारक़ ABRAR IrFaN༎ຶ⁠‿⁠༎ຶSaEeD NIKHAT الفاظ جو دل کو چھو لے नीर #शायरी

loader
Home
Explore
Events
Notification
Profile