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Stories related to free downloads books in pdf format

Jayesh gulati

#Books

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मैंने कभी लिखा था ख्वाब एक किताब में,
तुम्हे देखा तो जाना ख्वाब पूरे भी होते है ।।

©Jayesh gulati #Books

Writer Ravi

#Books

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उलझनो को सुलझा देती हैं किताबें 
भटके को मार्ग दिखाती हैं किताबें 
बदतर से बेहतर बनाती है किताबें 
तू किताबों को दोस्त बना तो सही 
मंजिल तक आसानी से पहुंचती हैं किताबें ।

©Writer Ravi #Books

Aamir Hashmi

Free

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कृतांत अनन्त नीरज...

#Books

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आकर्षण आपको
सिर्फ आकर्षित कर सकता है
नष्ट नही
नष्ट तो आप तब होते है
जब आप आकर्षण की ताकत को 
अपने "आत्म अनुशासन" की शक्ति से
अधिक समझ लेते है...

©कृतांत    अनन्त नीरज... #Books

Tarique Usmani

#Free

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White 
घर क्यों नेमत है?
उन से पूछें जिन्हें ज़िंदगी के तवील सफ़र में
कोई महफूज़ ठिकाना न मिला 

घर क्यों आबाद हैं?
उन से पूछें जिन का किसी को इंतज़ार नहीं 
जिन्हें किसी का इंतज़ार नहीं

घर क्यों ज़रूरत हैं ?
उन से पूछें जिनकी आंख में कोई ख़्वाब नहीं। 
जिन के लब पे कोई सवाल नहीं

घर क्यों जन्नत हैं?
बस वहीं जानें जिन्हें इक छत और
चार दीवारी का सुकूँ कभी मयस्सर न हुआ।

©Tarique Usmani #Free

Prem Anand Nallathambi

#Books #selfhelpbooks #selfhelp #FutureBooks #humor Self help book titles in future

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Heer

#Books

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किताबें 
बड़ी हसरत लिए बंद अलमारी के शीशों से झांकती किताबें, 
सोचती होगी पहले जिनसे रोज़ होती थी बातें, 
अब तो महीनों होती नही मुलाक़ातें। 

जो रातें गुजरती थी अक्सर साथ में, आज वो कटती है
 computer के साथ में, 
देख बड़ी बेचैन रहती हैं किताबें क्योंकि, 
उन्हें अब नींद में चलने की आदत हो गई है। 

जो किस्से कहानियां वो सुनाती थीं, battery जिनकी कभी
न खत्म होती थी, 
वो झलक अब नजर कही आती नही, 
रिश्ते रह गए उजड़े उजड़े, घर हो गया अब खाली खाली। 

जुबां पर ज़ायका आता था जो एक अल्फाज़ निकलता था, 
अब उँगली click करने से बस एक झपकी गुज़रती है, 
बहुत कुछ तबाह हो गया और बचा है वो परदे पर खुलता चला जाता है। 

किताबों से जो काटी जाती थी राते सीने से लिपटे हुए 
गुजरते थी जो रातें, 
कभी गोदी में तो कभी घुटनों के बल बैठ पढ़ते थे, 
कभी अजीब सी सूरत बनाकर मुस्कुराया करते थे,
सजदे में कभी छूते थे जबीं से, जाने कहा को गया वो सुकून
Robot के इस जहान में।

©Heer #Books

daisykavi

#Books

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daisykavi

#Books

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எம் நூலகபணிக்கு நன்றி.
எதிர்மறையான சில மனித மனங்களுக்கு மத்தியில் இல்லாமல், நேர்மறையான நூலக வாசனையில் பயணிப்பது ஒரு சிலாக்கியம்தான்

©daisykavi #Books

Navash2411

#Books

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